उत्तर प्रदेश के इस टीचर ने रच दिया इतिहास, बना दी 82 अरब की कंपनी
भारत
चेतना मंच
20 Sep 2025 04:48 PM
उत्तर
प्रदेश
में
फिजिक्सवाला
(Physics Wallah)
के
नाम
से
प्रसिद्ध
टीचर
अलख
पांडे
ने
नया
इतिहास
रच
दिया
है।
फिजिक्सवाला(Physics Wallah)
के
नाम
से
स्टार्टअप
कंपनी
चलाने
वाले
अलख
पांडे
की
कंपनी
की
नेटवर्थ
82
अरब
रूपये
को
पार
कर
गई
है।
एक
ताजा
सर्वे
रिपोर्ट
में
बताया
गया
है
कि
अलख
पांडे
का
स्टार्टअप
फिजिक्सवाला
एक
अरब
डॉलर
की
नेटवर्थ
पार
करके
उत्तर
प्रदेश
की
पहली
यूनीकॉर्न
कंपनी
बन
गई
है।
एक
अरब
डॉलर
की
भारतीय
मुद्रा
में
कीमत
82
अरब
रूपए
से
भी
अधिक
है।
UP News
कौन है उत्तर प्रदेश की पहली यूनीकॉर्न कंपनी के मालिक?
आपको
बता
दें
कि
उत्तर
प्रदेश
की
पहली
यूनीकॉर्न
कंपनी
बनने
का
क्रेडिट
फिजिक्सवाला
(Physics Wallah)
नामक
स्टार्टअप
कंपनी
को
मिला
है।
फिजिक्सवाला
कंपनी
के
संस्थापक
उत्तर
प्रदेश
के
रहने
वाले
एक
साधारण
से
अध्यापक
अलख
पांडे
हैं।
उनकी
कंपनी
फिजिक्सवाला
उत्तर
प्रदेश
के
नोएडा
शहर
में
स्टार्टअप
के
तौर
पर
रजिस्टर्ड
है।
दुनिया
भर
के
छात्र
तथा
छात्राएं
अलख
पांडे
को
अलख
पांडे
सर
के
नाम
से
जानते
हैं।
अलख
पांडे
सर
को
फिजिक्स
वाला
(Physics Wallah)
के
नाम
से
भी
जाना
जाता
है।
हजारों
बच्चों
को
फिजिक्स
पढ़ाने
मात्र
से
ही
उत्तर
प्रदेश
का
यह
टीचर
भारत
का
सबसे
धनी
टीचर
बन
गया
है।
आमतौर
पर
कहा
जाता
है
कि
अध्यापक
अथवा
टीचर
गरीब
रहते
हैं।
उत्तर
प्रदेश
के
धनपति
टीचर
अलख
पांडे
ने
यह
साबित
कर
दिया
है
कि
यह
कोई
स्थाई
नियम
नहीं
है
कि
यदि
आप
एक
टीचर
हैं
तो
आप
गरीब
ही
होंगे।
केवल
टीचर
वाले
प्रोफेशन
के
द्वारा
आप
भी
अलख
पांडे
की
तरह
से
अरबपति
बन
सकते
हैं।
अपने
ज्ञान
के
द्वारा
अरबपति
टीचर
अलख
पांडे
की
सफलता
की
कहानी
हजारों
अध्यापकों
के
लिए
प्रेरणा
का
बड़ा
स्रोत
बन
गई
है।
UP News
यह भी पढ़े: उत्तर प्रदेश की स्टार्टअप कंपनियों ने कर दिया बड़ा कमाल
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर के मूल निवासी हैं फिजिक्सवाला के मालिक अलख पांडे
आपको
बता
दें
कि
फिजिक्सवाला
(Physics Wallah)
नामक
एजुकेशन
सेंटर
के
फाउंडर
और
CEO Alakh Pandey
का
जन्म
उत्तर
प्रदेश
के
प्रयागराज
(
पूर्व
में
इलाहाबाद
)
में
2
अक्टूबर
1991
हुआ
था।
उनका
परिवार
आम
मिडिल
क्लास
की
तरह
से
एक
साधारण
परिवार
था।
घर
की
आर्थिक
स्थिति
मजबूत
नहीं
थी।
लेकिन
उन्हें
फिजिक्स
पढऩा
और
पढ़ाने
में
उन्हें
बहुत
मजा
आता
था।
इसलिए
उन्होंने
12
वीं
कक्षा
से
ही
कोचिंग
पढ़ाना
शुरू
कर
दिया
था।
अलख
पांडे
खुद
बताते
हैं
कि
जब
वह
12
वीं
क्लास
में
थे
तभी
से
उन्होंने
कोचिंग
पढ़ाना
शुरू
कर
दिया
था।
प्रयागराज
के
लूकरगंज
स्थिति
ब्राइट
कोचिंग
से
उन्हें
कोचिंग
पढ़ाना
शुरू
किया
था।
वह
कहते
हैं
कि
फिजिक्स
वाला
की
शुरुआत
15
साल
पहले
ही
हो
गई
थी
,
जब
उन्होंने
कोचिंग
पढ़ाना
शुरू
कर
दिया
था।
उस
समय
वह
साइकिल
से
कोचिंग
पढ़ाने
जाया
करते
थे।
अलख
पांडे
बताते
हैं
कि
जब
वह
तीसरी
कक्षा
में
थे
तो
उनका
आधा
घर
बिक
गया
था
और
छठी
क्लास
में
आते
-
आते
उनका
पूरा
घर
बिक
गया।
और
उनका
परिवार
किराए
के
मकान
पर
रहने
लगा।
अलख
को
उसी
समय
एहसास
हो
गया
था
कि
उनके
परिवार
की
आर्थिक
स्थिति
सही
नहीं
है।
अलख
बताते
हैं
कि
जब
वह
छोटे
थे
तो
उनके
पापा
के
पास
इतने
पैसे
नहीं
थे
कि
वह
उन्हें
साइकिल
दिला
पाए।
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लेकिन
बाद
में
उनके
पिता
ने
उन्हें
साइकिल
दिलाई।
इस
प्रकार
संघर्ष
करते
हुए
अलख
पांडे
बड़े
हुए।
फिजिक्सवाला
स्टार्टअप
कंपनी
शुरू
करके
उन्होंने
यह
साबित
कर
दिया
कि
बड़ी
इच्छा
रखने
से
हर
कोई
बड़ा
बन
सकता
है।
हाल
ही
में
प्रकाशित
हुई
हुरून
ASK
प्राइवेट
वेल्थ
रिपोर्ट
में
बताया
गया
है
कि
अलख
पांडे
की
फिजिक्सवाला
(Physics Wallah)
कंपनी
एक
अरब
डॉलर
की
नेटवर्थ
बन
गई
है।
जिस
टीचर
का
बचपन
में
घर
बिक
गया
था
वह
टीचर
आज
पूरा
शहर
बसाने
की
हैसियत
प्राप्त
करके
बड़ा
इतिहास
रचने
में
सफल
हो
गया
है।
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